
वंदेभारतलाइवटीव न्युज नागपुर-: प्राप्त हुई जानकारी अनुसार महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम 1965 संशोधन विधेयक महाराष्ट्र विधानमंडल सदन में मंजूर कर लिया गया है। संशोधन विधेयक के अंतर्गत राज्य के नगर परिषदों और नगर पंचायतों के नगर अध्यक्षों को पद से हटाए जाने का अधिकार अब सदस्यों के पास रहेगा। महाराष्ट्र प्रदेश नगर विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल जी ने कहा कि नगर परिषदों और नगर पंचायतों के सदस्यों मे से दो तिहाई सदस्यों के हस्ताक्षर से नगर अध्यक्षों को पद से हटाने का प्रस्ताव जिला अधिकारी के पास भेजवाना होगा। जिसके बाद जिलाधिकारी को दस दिनों मे विशेष सभा आयोजित कर नगराध्यक्ष को पद से हटाने के लिए मतदान की प्रक्रिया अपनाकर पूरी करनी होगी। नगर परिषदों और नगर पंचायतों के सदस्य नगराध्यक्ष के खिलाफ उनके कार्यकाल शुरू होने से एक साल के अंदर पद से हटाने का प्रस्ताव नही ला पायेगें। अभीतक नगराध्यक्षों को पद से हटाने का अधिकार प्रदेश सरकार के पास था। प्राप्त जानकारी अनुसार विधान परिषद मे ग्राम पंचायतों के आरक्षित सीटों के सदस्यों को जाति की वैधता प्रमाण पत्र जमा करने के लिए अब और एक साल का समय दिए जाने संबंधी विधेयक भी पारित हो गया है। राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे जी ने कहा कि वर्ष 2022 के ग्राम पंचायतों के चुनाव के बाद आरक्षित सीटों पर निर्वाचित हुए सदस्यों को जाति वैधता प्रमाण पत्र जमा करने के लिए एक साल का समय का समय दिया गया था। इस संशोधन विधेयक को मंजूर किए जाने के बाद सदस्यों को जाति वैधता प्रमाण पत्र के लिए और अधिक समय मिल सकेगा।







